kabhii ai haqiiqat\-e\-mu.ntazar
- Movie: Dulhan Ek Raat Ki
- Singer(s): Lata Mangeshkar, Chorus
- Music Director: Madan Mohan
- Lyricist: Iqbal
- Actors/Actresses: Dharmendra, Nutan
- Year/Decade: 1966, 1960s
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कभी ऐ हक़ीक़त-ए-मुंतज़र, नज़र आ लिबास-ए-मजाज़ में
के हज़ारों सजदे तड़प रहे हैं मेरी जबीन-ए-नियाज़ में
न बचा-बचा के तू रख इसे, तेरा आईना है वो आईना
के शिकस्ता हो तो अज़ीज़तर है निगाह-ए-आईनासाज़ में
न वो इश्क़ में रहीं गर्मियाँ, न वो हुस्न में रहीं शोख़ियाँ
न वो ग़ज़नवी में तड़प रही
न वो खम है ज़ुल्फ़-ए-आयाज़ में
मैं जो सर-ब-सजदा कभी हुआ, तो ज़मीं से आने लगी सदा
तेरा दिल तो है सनम आशना, तुझे क्या मिलेगा नमाज़ में
कभी ऐ हक़ीक़त-ए-मुंतज़र, नज़र आ लिबास-ए-मजाज़ में
के हज़ारों सजदे तड़प रहे हैं मेरी जबीन-ए-नियाज़ में
Comments/Credits:
% Transliterator: Rajiv Shridhar% Date: 01/17/1996 % Credits: Vandana Venkatesan % Editor: Rajiv Shridhar